सपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो पार्टी कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकारी विभागों में अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
उग्रसेन सेतु के क्षतिग्रस्त होने के मामले में सपा नेता विजय रावत ने निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को बरहज तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। साथ ही पुल की जल्द मरम्मत या आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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उग्रसेन सेतु के निर्माण पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये
विजय रावत ने कहा कि उग्रसेन सेतु के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन निर्माण के महज दो महीने के भीतर ही पुल क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके।
उन्होंने कहा कि उग्रसेन सेतु क्षेत्र के लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए इसकी मरम्मत या जरूरत के अनुसार पुनर्निर्माण का काम जल्द शुरू कराया जाना चाहिए।
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जिम्मेदारी तय कर हो कार्रवाई
सपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो पार्टी कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकारी विभागों में अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण के कुछ ही समय बाद पुल और सड़कों का क्षतिग्रस्त होना संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अजीत प्रसाद, विकास यादव, सोनू सिंह, राहुल यादव, राजू प्रजापति, रवि यादव, सुशील सिंह और अनिश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।