फैक्ट्री परिसर में पंखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तारपीन, सॉल्वेंट और अन्य ज्वलनशील केमिकल ड्रमों में रखे थे। ऐसे में आग बुझाने के दौरान फायरकर्मियों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ी। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग बुझने और जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
आग की लपटों और गर्मी को देखते हुए मंडुवाडीह पुलिस ने आसपास के घरों को खाली कराया, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो। घटना के चलते पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
फायर ब्रिगेड के ऑफिसर विनोद पांडेय ने बताया कि फैक्ट्री तक पहुंचने वाला रास्ता काफी संकरा है। इसके कारण दमकल की गाड़ियां फैक्ट्री के पास तक नहीं पहुंच पा रही थीं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जीटी रोड पर खड़ी कर पाइप के जरिए पानी फैक्ट्री तक पहुंचाया गया। पानी खत्म होने पर चांदपुर स्थित एक फैक्ट्री से पानी भरकर दमकल की टीम दोबारा आग बुझाने में जुटी रही।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी तेज गर्मी से फैक्ट्री की दो मंजिला इमारत के पिलर आगे की ओर झुकने लगे। ऐसे में भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना रहा। फायरकर्मी आसपास के हिस्सों को सुरक्षित रखते हुए आग पर लगातार पानी का छिड़काव करते रहे।
फैक्ट्री प्रबंधन के मुताबिक, आग से करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन फिलहाल नहीं हो सका है। मैनेजर अनादिशंकर गुप्ता ने बताया कि आग पूरी तरह बुझने के बाद स्टॉक और तैयार माल का मिलान किया जाएगा, जिसके बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
फैक्ट्री के डायरेक्टर संजीव जयपुरिया, निवासी ब्रिज एल्क्लेव, सुंदरपुर वर्तमान में हैदराबाद में हैं। घटना की सूचना उन्हें भी दे दी गई है। फैक्ट्री की इमारत से धुआं उठ रहा था और फायर ब्रिगेड की टीमें आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।