सार
जिस बेटी को मरा समझकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था, उसके जिंदा होने की खबर ने घर में बेचैनी बढ़ा दी है। गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र में रह रही प्रीती भी अब अपने घर लौटने को बेचैन है। मंगलवार को मां से वीडियो कॉल पर बात हुई तो दोनों की आंखें नम हो गईं। बेटी ने कहा कि उसे जल्दी घर ले जाया जाए। अब परिवार को पुलिस की अनुमति और बेटी के लौटने का इंतजार है।
बेटी को मृत मान लेने वाले परिवार को जब से मालूम चला कि वह जिंदा है, तब से उस घर में बेचैनी है। उधर वडोदरा के नारी संरक्षण केंद्र में बेटी भी घर आने के लिए तड़प रही है। मंगलवार को उसने मां से बात कर कहा कि उसे जल्दी ले जाया जाए।
मां कमला देवी ने बताया कि मंगलवार को अमर उजाला में जिस बेटी को मरा समझ कर किया अंतिम संस्कार, वह गुजरात में जिंदा निकली, शीर्षक से प्रकाशित खबर की कटिंग वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांड्या के व्हाट्सएप पर भेजी। अपनी खबर और परिवार की व्यथा देखकर प्रीती भावुक हो उठी। उसने अपनी चचेरी भाभी अनीता देवी के मोबाइल पर वीडियो कॉल किया।
करीब 25 मिनट की कॉल के दौरान मां कमला देवी और बेटी प्रीती की आंखें नम हो गईं। बातचीत के दौरान उसने गांव की अन्य परिचित महिलाओं से भी वीडियो कॉल पर बात कर उनका कुशलक्षेम जाना। कमला देवी का कहना है कि वडोदरा जाने वाली पुलिस टीम में उनके परिवार के एक सदस्य के साथ एक महिला पुलिसकर्मी को भी जरूर शामिल किया जाए।
इस संबंध में इंस्पेक्टर नवाबगंज पंकज अवस्थी ने बताया कि वडोदरा से युवती को वापस लाने के लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार कर अनुमति मांगी गई है। आला अधिकारियों का आदेश मिलने पर पुलिस टीम परिजनों के साथ वडोदरा गुजरात के लिए भेजी जाएगी।