एशियाई खेलों के इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट और हॉकी मुकाबलों ने दर्शकों के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने रविवार को बताया कि आइची-नागोया एशियाई खेलों में पुरुष क्रिकेट का भारत-पाकिस्तान फाइनल और पुरुष हॉकी का सेमीफाइनल सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबले रहे। पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया था। इसके बाद भारतीय टीम ने फाइनल में मलेशिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं पुरुष क्रिकेट के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण अपने नाम किया।
'भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच खेलों का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला'
ओसीए समन्वय समिति के अध्यक्ष तैयब इकराम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-पाक मुकाबलों की लोकप्रियता का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'प्रसारण को खेलों के इतिहास में सबसे अधिक दर्शक मिले। इसके पीछे दो बड़े मुकाबले रहे। कल पाकिस्तान-भारत क्रिकेट मैच खेलों का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला रहा और उससे एक दिन पहले (बृहस्पतिवार को) पाकिस्तान-भारत हॉकी मैच खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला था।'
आवास और परिवहन को लेकर हुई थी आलोचना
आइची-नागोया एशियाई खेलों की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे थे। पारंपरिक खेल गांव को खत्म कर लागत कम करने का फैसला लिया गया था। खिलाड़ियों के लिए सीमित जगह वाले आवास और परिवहन से जुड़ी परेशानियां भी सामने आई थीं। आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव की जगह करीब 17 हजार खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए होटल के कमरों, अस्थायी लकड़ी के कंटेनरों और एक क्रूज जहाज का इस्तेमाल किया। हालांकि इकराम ने कहा कि इतने बड़े बहु-खेल आयोजनों में संचालन से जुड़ी चुनौतियां होना सामान्य है। उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि कुछ शिकायतें थीं और कुछ मुद्दे सामने आए। निश्चित रूप से कुछ चुनौतियां थीं, लेकिन हमने जिस तरह उन चुनौतियों का सामना किया, उसे अधिक महत्वपूर्ण तरीके से रेखांकित किया जाना चाहिए।'
'हमने खिलाड़ियों को बेहतर परिस्थितियां देने की कोशिश की'
इकराम ने आयोजन के दौरान खिलाड़ियों को दी गई सुविधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'हमने अपने खिलाड़ियों को बेहतर परिस्थितियां, लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था देने की कोशिश की। हमने ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों और अन्य महाद्वीपीय खेलों जैसे कई बड़े आयोजन देखे हैं और संचालन में हमेशा कुछ चुनौतियां होती हैं।' खिलाड़ियों के आवास के मॉडल पर उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों ने इसे काफी अच्छी तरह स्वीकार किया। यह अनुकूलन का विषय था। बड़े खेल गांव का बाद में कोई उपयोग नहीं होता, यह अलग मॉडल था। हां, भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।'
54 विश्व रिकॉर्ड और 212 एशियाई खेल रिकॉर्ड टूटे
ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल-मुसल्लम ने बताया कि आइची-नागोया एशियाई खेलों के दौरान 54 विश्व रिकॉर्ड, 11 जूनियर विश्व रिकॉर्ड, 89 एशियाई रिकॉर्ड और 212 एशियाई खेल रिकॉर्ड टूटे। उन्होंने कहा, 'यह उपलब्धि आयोजन समिति द्वारा खिलाड़ियों के लिए बनाए गए सर्वश्रेष्ठ माहौल के बिना संभव नहीं थी।' हुसैन ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए नींद, भोजन और परिवहन को अहम बताते हुए कहा, 'अगर खिलाड़ी अच्छी नींद नहीं लेते, अच्छा खाना नहीं खाते और उनके लिए अच्छी परिवहन व्यवस्था नहीं होती तो वे प्रदर्शन नहीं कर सकते। हमें खुशी है कि आयोजन समिति पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ा और नागोया या कहीं भी कोई ऐसी बड़ी स्थायी परियोजना नहीं बची जिसका बाद में उपयोग नहीं हो।'
हांगझोउ के मुकाबले 19 फीसदी बढ़ी ओसीए की आय
अल-मुसल्लम ने एशियाई खेलों से ओसीए को होने वाले आर्थिक लाभ की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'इन खेलों में ओसीए की मार्केटिंग और प्रायोजन से होने वाली आय 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक रही।'
अलग-अलग प्रांतों में आयोजन को बताया खास मॉडल
आइची-नागोया खेलों की एक खासियत यह भी रही कि प्रतियोगिताएं अलग-अलग स्थानों पर आयोजित की गईं। इकराम ने इसे एक अलग मॉडल बताया। उन्होंने कहा, 'ये खेल एक अलग मॉडल था। इनकी खासियत यह थी कि इन्हें अलग-अलग प्रांत में आयोजित किया गया।' उन्होंने आगे कहा, 'ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक खेल भी इसी तरह के मॉडल पर विचार कर रहा है, जिसमें गोल्ड कोस्ट समेत दो या तीन मुख्य केंद्रों में खेल आयोजित किए जाएंगे।'