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शंभूपुर में पांच मौतों का मातम: एक परिवार उजड़ा, नहीं बचा कोई पुरुष, भतीजी ने दी मुखाग्नि; ब्रह्मभोज पर संकट

Fri, 25 Sep 2026 11:23 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

आजमगढ़ जिले में शंभूपुर गांव में पांच मौतों से सन्नाटा पसरा है। अरविंद के परिवार में अब कोई पुरुष नहीं बचा। ऐसे में उसकी भतीजी ने अंतिम संस्कार के फर्ज निभाए, लेकिन आगे के संस्कारों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। 
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आजमगढ़ हत्याकांड के बाद पुलिस का पहरा - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ जिले में शंभूपुर गांव में हुए चार हत्याकांड और आरोपी की मुठभेड़ में मौत होने के बाद अब सन्नाटा पसरा है। जिस घर में मंगलवार तक पूजा-पाठ की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम और पुलिस की मौजूदगी है। अरविंद सिंह के परिवार में पति-पत्नी और बेटे समेत तीन लोगों की मौत के बाद घर में अब सिर्फ महिलाएं बची हैं। परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा, जो आगे के संस्कारों की जिम्मेदारी संभाल सके। ऐसे में अरविंद, उसकी पत्नी बबिता और इकलौते बेटे शौर्य का न तो दसवां हो पाएगा और न ही तेरहवीं का कार्यक्रम रीति-रिवाज के अनुसार हो सकेगा। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद अरविंद, बबिता और शौर्य का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिवार की ओर से अरविंद की भतीजी ने दाह संस्कार किया। उधर दो ब्राह्मणों की हत्या से लोगों में रोष है। अरविंद की गोली से दोनों ब्राह्मणों की मौत के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा है।
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अस्पताल में बच्ची से बात करते एएसपी अनिल कुमार - फोटो : अमर उजाला
धार्मिक संस्कारों को लेकर खड़ी हुई मुश्किल
घर में तीन लोगों की मौत के बाद परिवार के सामने आगे के धार्मिक संस्कारों को लेकर भी मुश्किल खड़ी हो गई है। गांव में लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि परिवार की जो स्थिति है, उसे देखते हुए दसवां और तेरहवीं जैसे संस्कार कैसे और कौन संपन्न कराएगा। 
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आजमगढ़ हत्याकांड के बाद परिवार में पसरा मातम - फोटो : अमर उजाला
पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर चर्चा
शंभूपुर में वर्ष 2018 में हुई सुनील सिंह की हत्या का जिक्र भी अब ग्रामीणों की बातचीत में हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सुनील की हत्या के बाद लंबे समय तक उनके परिवार में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर चर्चा होती रही थी। मंगलवार को अरविंद के घर भी पूजा-पाठ का आयोजन इसी पृष्ठभूमि में बताया जा रहा है। अब अरविंद, उसकी पत्नी और बेटे की एक साथ मौत के बाद परिवार के सामने धार्मिक संस्कारों को लेकर असमंजस है। ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की मान्यताओं और आशंकाओं की चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे इस परिवार के लिए एक और त्रासदी के रूप में देख रहे हैं। 

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आजमगढ़ हत्याकांड के बाद पुलिस का पहरा - फोटो : अमर उजाला
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव
शंभूपुर गांव पुलिस छावनी में तब्दील है। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात हैं और पुलिस वाहनों के सायरन के बीच गांव का सन्नाटा और गहरा गया है। जिस घर में कभी परिवार के सदस्यों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब मातम के बीच सिर्फ महिलाओं के विलाप की आवाज सुनाई दे रही है।
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आजमगढ़ हत्याकांड के बाद अरविंद के भाई सुनील की बेटी ने दी मुखाग्नि - फोटो : अमर उजाला
सुनील सिंह की चार बेटियां, उन्हीं की बेटी ने दी अरविंद को मुखाग्नि
2018 में मारे गए सुनील सिंह की पत्नी ममता सिंह नोएडा में रहती हैं। उनकी चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी रितू सिंह (24) पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ निजी नौकरी कर रही हैं। दूसरी बेटी वर्षा सिंह (21) यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं और उन्होंने अपने चाचा अरविंद सिंह को मुखाग्नि दी। वहीं, तीसरी बेटी कशिश सिंह (18) स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि सबसे छोटी रिया सिंह (16) इंटर की छात्रा हैं। वर्षा और रिया गांव में दादी श्यामला देवी के साथ रहती हैं, जबकि रितू और कशिश मां के साथ नोएडा में रहती हैं। सुनील सिंह की पत्नी ममता ने मामले पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। वहीं अरविंद की मां श्यामला देवी को पुलिस अपने साथ जिला मुख्यालय ले गई थी। क्रियाकर्म के संबंध में परिजनों ने भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। बेटियों का कहना था कि दादी के निर्णय के बाद ही कुछ तय होगा। 

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बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
देर शाम परी को अस्पताल से मिली छुट्टी
शंभूपुर निवासी अरविंद की घायल बेटी परी को बृहस्पतिवार की देर शाम मंडलीय जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। इसके बाद पुलिस पूरे परिवार को परी के साथ लेकर पुलिस ऑफिस पहुंची, जहां एसपी डॉ. अनिल कुमार ने परी और परिजनों से बात की। एसपी की ओर से मीडिया को बुलाया गया था। मीडिया कर्मियों को उम्मीद थी कि पुलिस परी को मीडिया के सामने लाएगी। घटना की चश्मदीद से बात करने के लिए मीडियाकर्मी बुधवार से ही अस्पताल का चक्कर लगा रहे थे लेकिन, पुलिस ने उन्हें मिलने नहीं दिया था। पुलिस का कहना था कि बच्ची सदमे में है। उसकी काउंसलिंग के लिए मनोचिकित्सक ढूंढा जा रहा है।

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