CTC vs In Hand Salary: जब भी किसी नई नौकरी का ऑफर लेटर मिलता है, तो उसमें लिखी बड़ी सीटीसी देखकर हर कोई खुश हो जाता है। लेकिन महीने के अंत में जब खाते में वास्तविक वेतन यानी इन-हैंड सैलरी आती है, तो वह सीटीसी से काफी कम होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोग अक्सर सीटीसी, बेसिक सैलरी और ग्रॉस सैलरी के बीच के अंतर को सही से नहीं समझते हैं।
सीटीसी कंपनी द्वारा आपके ऊपर खर्च की जाने वाली कुल सालाना राशि होती है, जिसमें पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य भत्ते शामिल होते हैं। वहीं ग्रॉस सैलरी और इन-हैंड सैलरी पूरी तरह अलग होती हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि आपकी सैलरी का यह पूरा गणित वास्तव में कैसे काम करता है।