राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में भारतीय जनता पार्टी स्थानीय निकायों और राजनीतिक समीकरणों में निर्दलीय प्रत्याशियों के सहारे टिकने को मजबूर है। जयपुर में आधिकारिक बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी नाकामियों के कारण जनता का विश्वास खो चुकी है, जिसके चलते भाजपा को अपने गढ़ में ही निर्दलीय सदस्यों की बैसाखियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सत्तारूढ़ दल के पास नहीं था स्पष्ट बहुमत
टीकाराम जूली ने भरतपुर नगर निगम और जिला परिषद के राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि सत्तारूढ़ दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। उनके अनुसार चुनाव परिणामों में जनता ने सत्ताधारी दल की नीतियों को पूरी तरह नकार दिया था, जिसके बाद संगठन ने अपने बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय पार्षदों और सदस्यों पर निर्भरता बढ़ाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र का अनादर करते हुए सत्ता का दुरुपयोग किया और स्थानीय निकायों में दबाव बनाकर निर्दलीयों का समर्थन हासिल किया।
विकास कार्यों की उपेक्षा का आरोप
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ही विकास योजनाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। उन्होंने पत्रकारों के सामने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि सड़कों, पानी और बिजली की मूलभूत समस्याएं भरतपुर की जनता के लिए गंभीर संकट बन चुकी हैं। राज्य प्रशासन के ढीले रवैये के कारण बजट घोषणाओं का कार्यान्वयन जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा है।
सरदारशहर नगर परिषद के सभापति पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी अनिता टाक ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी मौनिका सैनी को नौ वोटों के अंतर से पराजित किया। वार्ड नंबर 21 से निर्वाचित पार्षद अनिता टाक को चुनाव में कुल 32 वोट मिले, जबकि वार्ड नंबर एक की पार्षद मौनिका सैनी को 23 वोट प्राप्त हुए।
नगर परिषद में कुल 55 वार्ड शामिल हैं
सरदारशहर नगर परिषद क्षेत्र में कुल 55 वार्ड शामिल हैं। हाल ही में आयोजित किए गए निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के 25, कांग्रेस के 22 और आठ निर्दलीय पार्षद चुने गए थे। नगर परिषद में सभापति का पद हासिल करने के लिए आवश्यक बहुमत का आंकड़ा 28 निर्धारित था।
जयपुर जिले में 16 निकायों के अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिले में अपना दबदबा बनाते हुए दो नगर परिषदों और नौ नगर पालिकाओं पर कब्जा जमाया है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने पांच नगर पालिकाओं में जीत हासिल की है। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि अधिकांश निकायों में भाजपा प्रत्याशियों ने सफलता पाई है, जबकि कई स्थानों पर कांग्रेस उम्मीदवार भी अध्यक्ष बनने में सफल रहे हैं।
नगर परिषदों में भाजपा का कब्जा
शाहपुरा नगर परिषद में भाजपा के रविश खटाणा निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। वहीं चौमूं नगर परिषद में भाजपा के आशीष दुसाद ने कांग्रेस प्रत्याशी को 21 वोट से पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया। बगरू नगर पालिका में भाजपा की संतोष चौहान सात वोट से और बस्सी में भाजपा की निर्मला खोलिया नौ वोट से विजयी रहीं। इसके अलावा चाकसू नगर पालिका में भाजपा की पुष्पा देवी निर्विरोध निर्वाचित हुईं। जमवारामगढ़ में भाजपा के राकेश कुमार वर्मा पांच वोट से जीते, जबकि कालाडेरा नगर पालिका में भाजपा प्रत्याशी उर्मिला कुमावत ने जीत दर्ज की। किशनगढ़ रेनवाल में भाजपा की सुनीता अग्रवाल नौ वोट से विजयी घोषित हुईं। फुलेरा में भाजपा के राजू शर्मा 10 वोट, सांभर में पवन कुमार मोदी तीन वोट तथा वाटिका नगर पालिका में कमला देवी तीन वोट से अध्यक्ष पद पर विजयी रहीं।
पांच निकायों में कांग्रेस की जीत
कांग्रेस ने जिले की पांच नगर पालिकाओं में जीत दर्ज की है। कानोता नगर पालिका से कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशन बैरवा छह वोट से चुनाव जीते। खेजरोली में कांग्रेस उम्मीदवार सुनीता सैनी 11 वोट से विजयी रहीं। मनोहरपुर नगर पालिका में कांग्रेस के अर्जुन मोहनपुरिया सात वोट से और नारायण में अब्दुल रज्जाक पांच वोट से विजयी रहे। फागी नगर पालिका में कांग्रेस के सुरेश दो वोट से अध्यक्ष पद पर चुने गए। जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जोबनेर और दूदू नगर पालिकाओं के परिणाम अभी घोषित होना बाकी हैं।
दौसा जिले में नगर निकाय अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस ने दौसा नगर परिषद समेत मंडावर और मंडावरी नगर पालिकाओं में जीत दर्ज की। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने सिकराय नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर अपना बोर्ड बनाया है।
दौसा नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव में कांग्रेस की रेखा गुर्जर ने भाजपा प्रत्याशी कविता गुर्जर को हराकर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ कांग्रेस ने नगर परिषद में अपनी सत्ता बरकरार रखी है। कुल 55 पार्षदों वाली परिषद में कांग्रेस के 24, भाजपा के 17 और 14 निर्दलीय पार्षद हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा था।
मंडावर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस की अनीता मीणा ने जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अशोक नारेडा को पांच मतों से पराजित किया। नाम वापसी के बाद यहां कांग्रेस की अनीता मीणा और भाजपा के अशोक नारेडा के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। मंडावरी नगर पालिका में कांग्रेस के रामकेश मीणा अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी जंतु देवी मीणा को छह मतों से हराया। चुनाव में रामकेश मीणा को 13 और जंतु देवी को सात मत मिले। कुल 20 वार्डों वाली मंडावरी पालिका में कांग्रेस के 12, भाजपा के सात और एक निर्दलीय पार्षद हैं।
सिकराय पालिका में भाजपा की जीत
सिकराय नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के कैलाश बैरवा ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के कैलाश बसवाल को एक वोट से हराया। कैलाश बैरवा को कुल 13 मत मिले। कुल 25 पार्षदों के मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया रिटर्निंग अधिकारी मनोज वर्मा के नेतृत्व में पूरी हुई। जीत के बाद भाजपा समर्थकों ने मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी। कैलाश बैरवा की इस जीत के साथ सिकराय नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बन गया है।
भीलवाड़ा जिले की 10 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद के लिए घोषित आधिकारिक चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने बढ़त हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी ने मांडलगढ़, जहाजपुर, बीगोद, बनेड़ा, गुलाबपुरा और बिजोलिया में अध्यक्ष पद जीता, जबकि कांग्रेस पार्टी केवल हमीरगढ़ और शाहपुरा में ही जीत हासिल कर सकी। इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी की जसवंत कंवर जिले में महापौर पद पर निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं।
बनेड़ा में पर्ची से हुआ अध्यक्ष का फैसला
बनेड़ा नगर पालिका में अध्यक्ष पद का परिणाम बेहद रोचक रहा। मतगणना पूरी होने पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों को 10-10 मत मिले। मुकाबला बराबर रहने पर अधिकारियों ने एक बच्चे से लॉटरी की पर्ची निकलवाई। पर्ची निकलने पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गोपाल चरण सिंह सिसोदिया ने अध्यक्ष पद हासिल किया।
उधर मांडलगढ़ नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी की श्वेता डांगी ने 12 मत पाकर जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की जेहरा फातिमा को हराया, जिन्हें केवल दो मत मिले। निर्दलीय उम्मीदवार जूली ओस्तवाल को छह मत मिले। भारतीय जनता पार्टी ने अपने 11 पार्षदों के अलावा एक निर्दलीय का समर्थन हासिल किया।
जहाजपुर, बीगोद और गुलाबपुरा में भाजपा विजयी
जहाजपुर नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी की अलकेश वैष्णव ने 23 मत पाकर जीत हासिल की। कांग्रेस की प्रमोद देवी शर्मा को मात्र दो मत मिले। भारतीय जनता पार्टी को आठ निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला, जबकि कांग्रेस के तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। बीगोद नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी के लोकेश नागौरी 16 मत प्राप्त करके अध्यक्ष बने। यहां कांग्रेस के गंडूड़ी गुर्जर को छह और निर्दलीय हमीद लोहार को तीन मत मिले।
वहीं गुलाबपुरा में भारतीय जनता पार्टी की विष्णु देवी वैष्णव ने 18 मत हासिल करके जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की रजनी तोषनीवाल को हराया, जिन्हें 17 मत मिले। गुलाबपुरा में कांग्रेस को सात तथा भाजपा को चार निर्दलीय पार्षदों ने वोट दिया।
अजमेर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की अनामिका शर्मा अजमेर नगर निगम की नई मेयर चुनी गई हैं। मेयर चुनाव में भाजपा को 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। अनामिका सोनी की जीत के साथ भाजपा ने अजमेर नगर निगम में अपना बोर्ड बनाया। जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।
जयपुर ग्रामीण जिले के विराटनगर विधानसभा क्षेत्र के पावटा नगर पालिका चुनाव के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान विधायक कुलदीप धनकड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्राज सिंह गुर्जर आपस में भिड़ गए। अध्यक्ष पद के मतदान के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया, जिससे हाथापाई की नौबत टल गई।
नेताओं के बीच तीखी बहस
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पावटा कस्बे में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता सुबह से ही बड़ी संख्या में जमा थे। माहौल तब बिगड़ा जब दोनों नेता अपने प्रत्याशियों के समर्थन में मौके पर पहुंचे और मतदान प्रक्रिया को लेकर उनके बीच बहस शुरू हो गई। इस दौरान विधायक कुलदीप धनकड़ ने कहा कि वे वर्तमान विधायक हैं और इंद्राज पूर्व हो चुके हैं, जिस पर पूर्व विधायक ने भी पलटवार किया। नेताओं के बीच जुबानी जंग देखकर बाहर मौजूद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और उनके बीच धक्का-मुक्की होने लगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर समर्थकों को पीछे धकेला और नगर पालिका परिसर के 200 मीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
मथानिया नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने अपने पक्ष में 16 पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा कांग्रेस पार्षदों के साथ नगरपालिका परिसर पहुंचीं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें मतदान स्थल तक जाने से रोक दिया। इस घटना के बाद मौके पर राजनीतिक माहौल गरमा गया। दिव्या मदेरणा ने वर्तमान विधायक भैराराम सियोल पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट लिखकर रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सरकारी तंत्र पर दबाव का आरोप
दिव्या मदेरणा ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल रहा है। मथानिया नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर खुलेआम सत्ता पक्ष के विधायक के बुलाने पर उनसे मिलने चुनाव परिसर से बाहर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मथानिया की जनता ने भाजपा को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। इसके बावजूद सरकारी तंत्र पर दबाव बनाकर जनादेश के विपरीत बोर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व विधायक ने इस पूरी प्रक्रिया को लोकतंत्र और जनादेश का अपमान करार दिया।
दौसा नगर परिषद सभापति पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रेखा गुर्जर ने जीत दर्ज की।
हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति पद के चुनाव के दौरान पूर्व सभापति सुमित रिणवां की अगुआई में निर्दलीय विधायक गुट के 35 पार्षद नगर परिषद पहुंचे। इसके साथ ही, भारतीय जनता पार्टी के 16 और कांग्रेस के नौ पार्षद मतदान करने के लिए परिषद पहुंचे। मतदान शुरू होने से पहले ही परिषद परिसर में शक्ति प्रदर्शन का माहौल बना रहा।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे रेलगाड़ी से हनुमानगढ़ पहुंचे निर्दलीय पार्षदों को समर्थकों ने घेरकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। निर्दलीय पार्षदों की सुरक्षा के लिए समर्थकों के साथ माकपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गुरुद्वारा सिंह सभा में जमा हुए। समर्थकों ने सुरक्षा घेरा बनाकर पार्षदों को चार वाहनों में बिठाया और टाउन गुरुद्वारा पहुंचाया। इसके बाद अन्य निर्दलीय पार्षद भी लोगों के घेरे में गुरुद्वारा पहुंचते रहे। समर्थकों ने सभी निर्दलीय पार्षदों को एक साथ मतदान केंद्र ले जाने की व्यवस्था की। पूर्व सभापति सुमित रिणवां ने जनता से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि ईश्वर और जनता से बड़ा कोई नहीं है, हनुमानगढ़ झुकेगा नहीं और जीतेगा। उन्होंने निर्दलीय पार्षदों को मतदान का अधिकार दिलाने की बात कही।
हाईकोर्ट के आदेश के साथ पहुंचीं मंजू
सभापति पद की निर्दलीय प्रत्याशी मंजू राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति लेकर मतदान केंद्र पहुंचीं। उनके साथ पार्षद मनजिंदर लेघा भी मौजूद रहे। दरअसल, मंजू ने मतदान से रोके जाने की आशंका को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अदालत ने उन्हें मतदान से न रोकने का आदेश दिया था। अदालत का आदेश मिलने के बाद वह सीधे मतदान केंद्र पहुंचीं। पार्षदों की आवाजाही और समर्थकों की भीड़ के कारण पूरे दिन राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।
बीकानेर लूणकरणसर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार चंद्रमोहन ने 23 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी गणेशनाथ को पराजित किया, जिन्हें 12 वोट मिले। इस जीत के साथ ही कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा के गृह विधानसभा क्षेत्र की लूणकरणसर नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी का पहला बोर्ड बन गया है। कुल 35 वार्डों में से 23 सीटें जीतकर पार्टी ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था।
नगर निगम में महापौर चुनाव
वहीं, बीकानेर नगर निगम के 5वें महापौर का चुनाव करने के लिए गांधी म्यूनिसिपल सभागार में मतदान हुआ। इस मुकाबले में कांग्रेस के अनिल कल्ला और भारतीय जनता पार्टी के सुरेंद्र सिंह शेखावत आमने-सामने हैं। 80 सदस्यों वाले निगम में बहुमत साबित करने के लिए 41 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। मतदान का समय समाप्त होते ही वोटों की गिनती शुरू की जाएगी।
क्रॉस वोटिंग और बाड़ाबंदी
सदन में कांग्रेस के पास 42 और भारतीय जनता पार्टी के पास 27 पार्षद हैं, जबकि 10 निर्दलीय तथा एक आरएलपी पार्षद मौजूद हैं। कांग्रेस में जारी अंदरूनी गुटबाजी और बगावती रुख के कारण भारतीय जनता पार्टी को गुप्त मतदान में क्रॉस वोटिंग की उम्मीद दिखाई दे रही है। पार्षदों को संभावित सेंधमारी तथा खरीद-फरोख्त से सुरक्षित रखने के लिए दोनों ही प्रमुख दलों ने कड़ी बाड़ाबंदी कर रखी थी।
उदयपुर नगर निगम में भाजपा के पारस सिंघवी नए महापौर बन गए हैं। वहीं कांग्रेस की पूनम कुंवर हार गईं हैॆ।
माउंट आबू नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुनील आचार्य ने बड़ी जीत दर्ज की है। चुनाव मैदान में उतरे सुनील आचार्य को कुल 19 वोट मिले। इसके विपरीत प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी यश शर्मा को सिर्फ छह वोट ही मिल पाए। नगर पालिका के कुल 25 वार्डों के पार्षदों में से 19 पार्षदों ने सुनील आचार्य के पक्ष में अपना वोट दिया। इस शानदार जीत के साथ ही सुनील आचार्य माउंट आबू नगर पालिका के नए अध्यक्ष बन गए हैं।
झुंझुनूं जिले के बिसाऊ में अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर किया। मतदान से पहले भाजपा खेमे के पास 13 पार्षदों का बल था, जबकि कांग्रेस के पास 12 पार्षद थे। इसके बावजूद चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग हो गई। कांग्रेस प्रत्याशी सलमा बानो ने भाजपा उम्मीदवार सोनम देवी को महज एक वोट से हराकर पालिकाध्यक्ष पद हासिल कर लिया। इस करीबी मुकाबले में मिली जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं भाजपा को बड़ा झटका लगा।
हनुमानगढ़ जिले की नोहर नगरपालिका में केवल दो पार्षदों वाली भारतीय जनता पार्टी ने लॉटरी के माध्यम से अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। नोहर नगरपालिका के कुल 40 वार्डों में कांग्रेस के 20 और भाजपा के मात्र दो पार्षद चुनाव जीतकर आए थे। इसके अलावा 18 निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए थे। अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हाजन खातून टाक ने सभी 18 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करके 20 वोट जुटा लिए। दूसरी ओर, नोहर से कांग्रेस विधायक अमित चाचाण के भाई व पार्टी प्रत्याशी सुमित चाचाण को भी 20 वोट ही मिले। दोनों उम्मीदवारों को एक समान वोट मिलने के बाद लॉटरी प्रक्रिया के जरिये फैसला किया गया। लॉटरी में भाजपा प्रत्याशी हाजन खातून टाक की पर्ची निकली और वह पालिकाध्यक्ष बन गईं। कांग्रेस अपने 20 पार्षद होने के बाद भी एक भी निर्दलीय का वोट नहीं जुटा पाई।
तिजारा नगरपालिका चेयरमैन चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रशासन को दोपहर 1:30 बजे तक अपनी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।
राजस्थान के चूरू जिले में नगर परिषद सभापति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। सोमवार को हुई मतगणना के अनुसार भाजपा प्रत्याशी विनय गोयनका ने कांग्रेस उम्मीदवार संजय भाटी को पराजित करके चूरू नगर परिषद के सभापति का पद हासिल किया। इस चुनाव में विनय गोयनका के पक्ष में 34 पार्षदों ने मतदान किया, जबकि कांग्रेस के संजय भाटी को केवल 26 वोट मिले। इस परिणाम के साथ ही चूरू नगर परिषद में भाजपा के नए बोर्ड का गठन तय हो गया है।
करौली के सपोटरा नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की सपना बैरवा निर्वाचित हुईं। सपना बैरवा को 16 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की कविता महावर को 4 वोट मिले। रिटर्निंग अधिकारी अनूप सिंह ने चुनाव परिणाम घोषित करते हुए सपना बैरवा को प्रमाण पत्र सौंपा और शपथ दिलाई। जीत के बाद सपना बैरवा ने नगरपालिका क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। इस दौरान विधायक हंसराज मीणा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई।
हाईकोर्ट से राहत के बाद तेजपाल मिर्धा ने कुचेरा नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव जीता।
जैसलमेर नगर परिषद सभापति पद के लिए सोमवार को राजनीतिक हलचल के बीच मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विजय डांगरा और कांग्रेस के निर्मल पुरोहित के बीच सीधा मुकाबला है। नगर परिषद कार्यालय में सुबह 10 बजे शुरू हुई वोटिंग दोपहर दो बजे तक चलेगी। इसके तुरंत बाद मतगणना कराकर परिणाम घोषित किया जाएगा। रिटर्निंग अधिकारी और उपखंड अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि निर्वाचित सदस्यों की विशेष बैठक में पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत कराई जा रही है।
मतदान केंद्र पर लगा आरोप
चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल पुरोहित ने मतदान प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मिलीभगत से नियमों के विपरीत पार्षदों के वोट किसी अन्य सहायक के माध्यम से डलवाए जा रहे हैं। इन आरोपों के बाद मतदान केंद्र पर माहौल गरमा गया और पुरोहित ने चुनाव के बहिष्कार की बात कहते हुए निष्पक्ष मतदान की मांग की। मतदान के दौरान चार निर्दलीय पार्षदों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिनमें वार्ड तीन से संजू मोहन परिहार और वार्ड 14 से गणपत भार्गव शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से वार्ड 39 से पार्षद सुनीता घारू, वार्ड 44 से प्रतीक्षा और वार्ड 12 से
फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका में अध्यक्ष पद के मतदान के दौरान पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष व बागी पार्षद राजेश चपलोत तथा पार्षद बाबूलाल चोपड़ा को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के तुरंत बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया। मावली विधायक पुष्पकर लाल की मौजूदगी के बीच कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए जमकर विरोध किया।
चुनाव का गणित और विरोध
फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका में अध्यक्ष का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। हालिया चुनाव में कुल 25 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने 13 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि कांग्रेस को 12 सीटें मिली थीं। स्पष्ट बहुमत के बावजूद भाजपा में अंदरूनी कलह तब खुलकर सामने आ गई जब पार्टी के बागी पार्षद राजेश चपलोत ने अपनी पत्नी ममता चपलोत को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतार दिया। कांग्रेस ने ममता चपलोत को अपना समर्थन दे दिया, जिससे उनके अध्यक्ष पद पर काबिज होने की संभावनाएं मजबूत हो गईं। यही कारण है कि भाजपा पार्षदों को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस विरोध दर्ज करा रही है।
सीकर जिले के नीमकाथाना में पालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर माहौल अचानक गरमा गया। मतदान प्रक्रिया शुरू होने के कुछ ही देर बाद बैरिकेडिंग के पास भारी हंगामा देखने को मिला। पुलिस ने कांग्रेस पार्षदों की गाड़ियों को बैरिकेडिंग पर रोक दिया, जिसके कारण कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हंगामे के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षा के बीच कांग्रेस पार्षदों को मतदान केंद्र तक पहुंचाया। नीमकाथाना में अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला कांग्रेस के महेश मेगोतिया और भारतीय जनता पार्टी के रणजीत सिंह के बीच हो रहा है।
झुंझुनूं के बिसाऊ नगरपालिका में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस प्रत्याशी नगरपालिका चेयरमैन चुनी गईं, जबकि बीजेपी की सोनम को क्रॉस वोटिंग के चलते हार का सामना करना पड़ा।
मनोहरपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के अर्जुन मोहनपुरिया ने जीत दर्ज की है। अर्जुन मोहनपुरिया को 21 वोट मिले, जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुनील असवाल को 14 वोट मिले। अर्जुन मोहनपुरिया ने 7 वोटों के अंतर से अध्यक्ष का चुनाव जीता। जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।
श्रीगंगानगर के श्रीविजयनगर नगर पालिका में अध्यक्ष के चुनाव से पहले पुलिस और कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़प हो गई। कांग्रेस समर्थकों का आरोप है कि बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पार्षदों को किडनैप कर लिया है। इसके बाद नगर पालिका भवन के बाहर बैरिकेडिंग पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान हुई झड़प में एक पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी सूचना है।
पाली में बीजेपी का मेयर हो गया है। बड़ी बात ये रही कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस अपना बोर्ड नहीं बना पाई। निर्दलीयों के साथ मिलकर बीजेपी ने 33 का बहुमत जुटाया है।
राजस्थान में पांच नगर निगमों समेत 273 नगरीय निकायों के प्रमुखों के चुनाव के लिए आज सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हो गए हैं। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर में ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रदेश के कुल 305 नगरीय निकायों में से 32 निकायों में अध्यक्ष निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि चार निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 25 सितंबर को कराया जाएगा।