दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी हादसे को लेकर जांच के दौरान लेबर कॉन्ट्रैक्टर सानोज कुमार को यूपी के कासगंज से पकड़ा गया और वापस लाया गया। वह दिल्ली के मोती बाग इलाके के नानकपुरा में जेजे कैंप का रहने वाला है और मूल रूप से बिहार के बांका जिले के बदरिया थाने के अंतर्गत आने वाले मानिकपुर गांव का निवासी है। उसे इस मामले में गिरफ्तार कर विस्तार से पूछताछ की गई। उसने बताया कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने उसे इमारत में रेनोवेशन का काम सौंपा था। काम बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के लेवल पर लाने का था। बेसमेंट में लगभग 3 ट्रक मलबा भरा गया था। महेश उसे इस काम के लिए 2800 रोज़ाना दे रहा था। ग्राउंड फ्लोर पर एक दीवार थी जो दुकान के लिए जगह बनाने में रुकावट डाल रही थी। घटना वाले दिन, उन्होंने जगह बनाने के लिए उस दीवार को हटा दिया। इमारत भार नहीं सह सकी और आखिरकार ढह गई।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी के पीजी, हॉस्टल और किराए के मकानों में रहने वाले लाखों छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद सख्त और विस्तृत आदेश जारी किया है। एलजी के सीधे निर्देश पर हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने अपने सभी एसीपी और थानों के एसएचओ को आदेश दिया है कि वे तुरंत छात्र बाहुल्य इलाकों में जाकर उनसे सीधा संवाद स्थापित करें।
इस पूरी कवायद में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन ने इसे केवल एक औपचारिक अभियान नहीं रहने दिया है, बल्कि पुलिस के आला अधिकारियों को आगामी 20 सितंबर तक हर हाल में इस पर एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने का सख्त अल्टीमेटम दे दिया है, जिससे महकमे में हड़कंप मचा है।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे के बाद एमसीडी की ग्राउंड पर बड़ी कार्रवाई जारी है। सत्य निकेतन, शाहदरा, लक्ष्मी नगर समेत कई इलाकों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा रही है।
बिल्डिंग गिराने के दौरान मलबे के साथ ऊपर से कुछ सामान नीचे दूसरी बिल्डिंग की छत पर आ गिरा। इससे छत पर रखे सामान और एक कपड़े में आग लग गई। आग लगते ही मौके पर मौजूद पुलिस और एमसीडी कर्मी सतर्क हो गए। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया और उसे फैलने से रोक दिया। समय रहते आग बुझाए जाने से बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों की तत्परता की सराहना की। घटना के बाद आसपास के इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में एक पीजी के खिलाफ एमसीडी की कार्रवाई चल रही है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उस निर्देश के बाद की जा रही है जिसमें उन्होंने नगर निकाय से अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल करने को कहा था।
#WATCH | MCD crackdown underway at a PG in Laxmi Nagar area of Delhi after Chief Minister Rekha Gupta directed the municipal body to use bulldozers against illegal structures. https://t.co/TXyp2mr7m4 pic.twitter.com/2wGfn8GwCp
— ANI (@ANI) September 9, 2026
6 सितंबर को सत्य निकेतन में गिरी इमारत के बगल में मौजूद कमजोर इमारत को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा शाहदरा जिले के गीता कॉलोनी पुलिस स्टेशन इलाके में तांगा स्टैंड गली में बनी तीन मंजिला इमारत को गिराया जा रहा है।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में जहां पांच मंजिला पीजी इमारत गिरी उसके बगल वाली खतरनाक कमजोर इमारत को गिराने का शुरू हो गया है।
आरोपियों में से एक, महेश, जिसकी दो दिन की पुलिस कस्टडी आज खत्म हो रही है, उसे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन से कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा है। महेश के साथ-साथ एक बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर और एक राजमिस्त्री को भी कोर्ट ले जाया जा रहा है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। सत्य निकेतन में गिरी इमारत के बगल में मौजूद कमजोर इमारत को आज गिराने का काम किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन पीजी हादसे में कार्रवाई करते हुए एक और गिरफ्तारी की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पीजी ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच की जा रही है।
हॉस्टल डेज पीजी से लगे कनक लता पीजी को आज गिराया जाएगा। इमारत की हालत काफी जर्जर है। इस कारण सोमवार रात से इमारत को टिकाए रखने के लिए लोहे के गार्डर लगाए गए हैं।
सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद उसके बगल की क्षतिग्रस्त इमारत को भी अब ध्वस्त किया जाएगा। एमसीडी बुधवार को इस खतरनाक घोषित इमारत को गिराने की कार्रवाई करेगी। एमसीडी ने इमारत को खाली करा लिया और इसमें बने पीजी में रह रहे बच्चों का सामान बाहर निकालकर उन्हें सौंप दिया।
6 सितंबर को सत्य निकेतन में गिरी इमारत के बगल वाली बिल्डिंग की तस्वीरें। इस इमारत को गिराने का काम सावधानीपूर्वक और योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। 6 सितंबर को इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी।
#WATCH | Delhi: Visuals of the building adjoining the one that collapsed in Satya Niketan on 6th September. The demolition of this building will be done in a calibrated manner.
— ANI (@ANI) September 9, 2026
Seven people lost their lives in the building collapse on 6th September. pic.twitter.com/lq1VUZEP69
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने पीजी नीति लागू करने का फैसला किया है। जल्द इसका मसौदा तैयार किया जाएगा। नीति के तहत पीजी चलाने के लिए लाइसेंस जरूरी होगा।
मंगलवार को शहरी विकास और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान सूद ने कहा कि एक से दो महीने के भीतर इस नीति को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में, जहां 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत ढह गई थी, वहां से छात्र अपने पीजी खाली कर रहे हैं।
6 सितंबर को सत्य निकेतन में गिरी इमारत के बगल में मौजूद कमजोर इमारत को आज गिराया जाएगा।