फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget 2026-27: देश को बायोफार्मा उत्पादन का हब बनाने का लक्ष्य, मेंटल हेल्थ-कैंसर रोगियों के लिए अच्छी खबर

Sun, 01 Feb 2026 08:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Health Budget 2026-27 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार (1 फरवरी 2026) को लोकसभा में रिकॉर्ड लगातार नौंवा बजट पेश कर रही हैं। देश के हेल्थ सेक्टर को भी इस बजट से खूब उम्मीदें हैं। आइए जानते हैं कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस बार के बजट में क्या खास घोषणाएं की गईं।

विज्ञापन
केंद्रीय बजट 2026-27, हेल्थ सेक्टर के लिए क्या खास? - फोटो : Amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार (1 फरवरी 2026) को लगातार नौवां बजट पेश कर रही हैं। देश के संसदीय इतिहास के लिए ये एक रिकॉर्ड है। 'विकसित भारत' के विजन को पूरा करने की दिशा में साल 2026-27 के बजट को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश का हेल्थ सेक्टर भी इस बजट से काफी उम्मीदें लगाए बैठा है।

विज्ञापन


हेल्थ बजट को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त फंड तक, देश के मेडिकल सिस्टम को और मजबूत करने से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज को सस्ता और आसान बनाने की योजनाओं तक, पूरे देश को इस बजट से कई सारी उम्मीदें हैं। 

गौरतलब है कि साल 2025-26 के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय) को लगभग 99,858 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 
विज्ञापन


आइए जानते हैं कि इस साल के बजट में देश के हेल्थकेयर सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए वित्त मंत्री के पिटारे से क्या-क्या निकला?

Trending Videos

पिछले बजट की महत्वपूर्ण घोषणाओं पर डालिए एक नजर

कैसा था पिछले साल का हेल्थ बजट - फोटो : Amar ujala
साल 2025-26 के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को लगभग 99,858 करोड़ रुपये आवंटित करके भारत में हेल्थकेयर को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी। 
  • वित्तमंत्री ने मेडिकल की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए साल 2025 के बजट में अस्पतालों और कॉलेजों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ने की घोषणा की थी।
  • कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत देने के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई थी।
  • आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को ₹9,406 करोड़ का आवंटन मिला था।
  • सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को ₹37,226.92 करोड़ जबकि राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को ₹79.6 करोड़ आवंटित किए थे।

इस बार के बजट से हेल्थ सेक्टर को क्या उम्मीदें हैं?

  • विशेषज्ञों की टीम ने सरकार से जरूरी मेडिकल टूल्स और सेवाओं पर जीएसटी कम करने की भी मांग की है। ज्यादा जेब खर्च को मैनेज करने के लिए मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी कम करने की उम्मीद जताई गई है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इससे इलाज की लागत में सीधे कमी आएगी और हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या बढ़ेगी।
  • फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक, असरदार रेगुलेटरी उपायों को लागू करना बहुत जरूरी है। 

देश को बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य

लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI
बजट के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को ग्लोबल बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर डेवलप करने का लक्ष्य रखा है, किफायती दवाओं पर ध्यान दिया जाएगा।  इसके लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के खर्च के साथ बायोफार्मा शक्ति का प्रस्ताव दिया है। इससे इकोसिस्टम बनेगा।
 
 
  • वित्त मंत्री ने कहा, बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए, इस स्ट्रैटेजी में तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिन्हें NIPERs के नाम से जाना जाता है) और सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करके एक बायोफार्मा फोकस्ड नेटवर्क शामिल होगा। 
  • इससे 1,000 मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का एक नेटवर्क भी बनेगा। 
  • हम सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने का प्रस्ताव देते हैं ताकि ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा किया जा सके।

देश में 3 नए आयुर्वेद संस्थान स्थापित होंगे

एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर में नए AHPI संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इनमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ सहित 10 चुने हुए डिसिप्लिन शामिल होंगे, और अगले पांच वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स जोड़े जाएंगे।
 
 
  • जिला अस्पतालों को अपडेट किया जाएगा, वहां इमरजेंसी वार्ड बढ़ाए जाएंगे ताकि लोगों को फायदा मिले।
  • निजी और सरकारी क्षेत्र में नए एएचपी संस्थान बनाए जाएंगे और अगले 5 वर्षों में एक लाख AHP को सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना के लिए योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। 
  • आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। 
  • वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता और पहचान मिली है।
  • आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा। 
  • जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को और मजबूत किया जाएगा।

मेंटल हेल्थ में सुधार के लिए घोषणा

 केंद्रीय बजट 2026 में, सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में वर्तमान में मानसिक स्वास्थ्य के लिए समर्पित राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए, रांची और दिसपुर में नए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसका उद्देश्य देश भर में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष देखभाल, प्रशिक्षण और अनुसंधान में सुधार करना है।
विज्ञापन

कैंसर रोगियों के लिए राहत, दवाएं होंगी सस्ती

वित्त मंत्री ने बजट के दौरान कैंसर के इलाज को सस्ता और आसान बनाने की दिशा में ध्यान दिया। कैंसर रोगियों के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट की घोषणा की गई है। इसके अलावा 7 अन्य गंभीर रोगों की दवाओं के निजी आयात पर शुल्क से छूट दी गई है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें