केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह बाल शोषण और इनसे जुड़े अश्लील फिल्म उद्योग से निपटने के लिए नीतिगत ढांचा तैयार कर रही है। इसमें वयस्कों से संबंधित गैर-सहमति वाली सामग्री का प्रसार भी शामिल है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि इस संबंध में एक वैधानिक विधायी तंत्र भी विचाराधीन है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मध्यस्थों की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बिल में उन पर बड़ी जिम्मेदारी डाली जा सकती है। मध्यस्थों को आपत्तिजनक सामग्री हटानी होगी।
तमिलनाडु सरकार ग्रामीण महिलाओं को देगी मुफ्त दुधारू गायें
तमिलनाडु सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण इलाकों की 10 हजार पात्र महिलाओं को मुफ्त दुधारू गायें देने की योजना के तहत 57 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। राज्य सरकार ने बजट में इस योजना की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कमाई का नियमित साधन उपलब्ध कराने के साथ राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। सरकार के मुताबिक, तमिलनाडु दूध उत्पादन और दुग्ध संग्रह के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इस योजना के जरिए डेयरी क्षेत्र को और मजबूत करने के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर दिया जाएगा। हर साल 10 हजार पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा और उनकी आय के लिए खेती या मजदूरी पर निर्भरता भी कम हो सकेगी।
हर गाय रोजाना कम से कम आठ लीटर दूध देगी
सरकारी अधिकारी के मुताबिक, योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी महिला को अच्छी नस्ल की संकर दुधारू गाय दी जाएगी, जो रोजाना कम से कम आठ लीटर दूध देने में सक्षम होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे महिलाओं की नियमित आमदनी बढ़ेगी और दुग्ध सहकारी समितियों को भी फायदा होगा। योजना में पशुओं की उचित देखभाल, वैज्ञानिक तरीके से डेयरी पालन और बेहतर पशुपालन प्रबंधन को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि सही देखभाल और पशु चिकित्सा सुविधाएं मिलने पर प्रत्येक गाय पांच साल में तीन से चार बार बच्चा दे सकती है। इससे ग्रामीण परिवारों को लंबे समय तक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवारों के पोषण स्तर में सुधार लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद करेगी।