ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सोमवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। अधिकारियों के मुताबिक, एसआईआर के बाद करीब 20 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आरएस गोपालन ने बताया कि ओडिशा में अब कुल 3.16 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 1.61 करोड़ पुरुष और 2,774 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में 30 मई से दो चरणों में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ सोमवार को यह प्रक्रिया पूरी हो गई।
एसआईआर से पहले थे 3.34 करोड़ मतदाता
गोपालन के मुताबिक, एसआईआर से पहले राज्य में करीब 3.34 करोड़ मतदाता थे। पांच जुलाई को मसौदा मतदाता सूची जारी होने पर यह संख्या घटकर 3.13 करोड़ रह गई थी।
30 मई से 28 जून तक चले एन्यूमरेशन चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के जरिए मतदाताओं को फॉर्म बांटे गए। कुल 3,13,87,034 फॉर्म भरे गए, जो कुल मतदाताओं का 93.97 फीसदी था।
20.12 लाख मतदाताओं के फॉर्म नहीं मिले
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 20,12,557 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं मिले। इसलिए उनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए। मसौदा सूची में शामिल 3.13 करोड़ मतदाताओं में से करीब तीन करोड़ का खुद या उनके वंशज के तौर पर मिलान हो गया था। वहीं, 12.98 लाख मतदाताओं का मिलान नहीं हो पाया।
45.37 लाख मतदाताओं को नोटिस
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने जिन मतदाताओं का मिलान नहीं हो पाया था, उन्हें सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए। इसके अलावा प्रविष्टियों में तार्किक गड़बड़ी वाले 45.37 लाख मतदाताओं को भी नोटिस भेजे गए। दावे और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान 44,777 मतदाता अपात्र पाए गए। उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। वहीं, इस दौरान 2.90 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए।
राज्य में 45,250 मतदान केंद्र
गोपालन ने बताया कि सूची के युक्तिसंगतीकरण के बाद ओडिशा में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 45,250 हो गई है।