एनएसयूआई कार्यकर्ता बोले- सत्य निकेतन की घटना के बाद इस तरह के कार्यक्रमों में शामिल होना संवेदनहीनता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सत्य निकेतन में हुए हादसे के तीन दिन बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के एक कार्यक्रम में शामिल होने पर एनएसयूआई ने विरोध जताया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी भी की। छात्र संगठनों ने कहा कि जब छात्र पीड़ित हैं, तो डीयू कुलपति जश्न भरे कार्यक्रमों में कैसे शामिल हो सकते हैं। एनएसयूआई ने आर्ट्स फैकल्टी के पास प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका और संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाए। एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि सत्य निकेतन हादसे से विश्वविद्यालय समुदाय में शोक है। ऐसे समय कुलपति का कार्यक्रम में शामिल होना उचित नहीं था।
हिंदी भाषा विषय पर परिचर्चा में शामिल हुए थे कुलपति
दरअसल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा ‘विकसित भारत- हिंदी भाषा और साहित्य’ विषय पर मंगलवार को परिचर्चा का आयोजन हुआ था। इसी कार्यक्रम में कुलपति मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। लेकिन कार्यक्रम के बीच में ही एनएसयूआई कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और हंगामा किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रो. बलराम पाणि, प्रो. रजनी अब्बी और वरिष्ठ प्रोफेसर सुधा सिंह के साथ साहित्यकार ममता कालिया, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्र आदि मौजूद थे।