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एशियन गेम्स 2026: 'गोल्ड थाली में परोसा हुआ नहीं मिला', एशियाड में स्वर्ण जीतने के बाद ऐसा क्यों बोले सैमसन?

Sun, 04 Oct 2026 01:37 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

भारत ने एशियाई खेलों में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। संजू सैमसन ने कहा कि यह जीत आसानी से नहीं मिली। उनके मुताबिक अनुभवी खिलाड़ियों की 'ए' टीम ने दबाव भरे फाइनल में ऊर्जा, एकाग्रता और परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटने में मदद की।
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गोल्ड मेडल के साथ भारतीय टीम - फोटो : BCCI
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विस्तार
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भारत ने शनिवार को नागोया में खेले गए रोमांचक फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के अर्धशतकों की मदद से छह विकेट पर 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान ने भी आक्रामक बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी चरण तक रोमांचक बनाए रखा। पाकिस्तान की टीम छह विकेट पर 192 रन ही बना सकी और भारत ने स्वर्ण अपने नाम कर लिया।

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'ए' टीम उतारने का मिला फायदा
संजू सैमसन के मुताबिक भारत की अनुभवी टीम ने इस बड़े मुकाबले में दबाव से निपटने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, 'हमारे पास काफी अनुभवी टीम थी। यहीं अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव काम आता है। हमें पता था कि अपनी ऊर्जा को कैसे संभालना है, खुद को कैसे प्रेरित और एकाग्र रखना है, भले ही अभ्यास या मैच नहीं हो रहे हों।' भारत के नियमित टी20 खिलाड़ियों को एशियाई खेलों की टीम में शामिल करने के फैसले का भी फायदा मिला। सैमसन ने कहा, 'ए टीम को लाना वास्तव में काफी मददगार रहा और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भी यही देखने को मिला। मुझे लगता है कि यह सभी के लिए एक उचित मुकाबला था।'

211 रन के बाद भी पाकिस्तान ने बनाए रखा रोमांच
भारत ने पहली पारी में 200 का आंकड़ा पार किया तो माना जा रहा था कि दूसरी पारी में पाकिस्तान के लिए लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा। हालांकि, बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच पर पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को चुनौती दी। सैमसन ने कहा, 'आखिरकार हमें एक अच्छा मैच खेलने को मिला। पहली पारी में हमने 200 रन बनाए और लगा कि दूसरी पारी पाकिस्तान के लिए मुश्किल हो सकती है लेकिन विकेट अच्छा था और उन्होंने भी अच्छी बल्लेबाजी की। सभी को एक अच्छा फाइनल देखने को मिला।'

'स्वर्ण पदक थाली में परोसा हुआ नहीं मिला'
सैमसन ने साफ किया कि भारत की इस जीत को आसान नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा, 'हमें स्वर्ण पदक थाली में परोसा हुआ नहीं मिला। इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इससे यह जीत और भी संतोषजनक हो जाती है और हम सभी खुश हैं।'
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बड़े मुकाबले का दबाव था, लेकिन खेल पर हावी नहीं होने दिया
भारत-पाकिस्तान मुकाबला होने के कारण फाइनल की अहमियत खिलाड़ियों को अच्छी तरह पता थी। सैमसन ने माना कि देश का प्रतिनिधित्व करने का यह बड़ा अवसर था, लेकिन मैच शुरू होने के बाद टीम ने परिस्थितियों के हिसाब से खेलने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से यह हम सभी के लिए अपने देश का एशियाई खेलों के फाइनल में प्रतिनिधित्व करने का बड़ा अवसर और बड़ा मुकाबला था।' सैमसन ने आगे कहा, 'मैच से पहले और बाद में ऐसा ही होता है। लेकिन एक बार मैच शुरू हो जाने के बाद हम मुकाबले की मांग और मैच की परिस्थितियों के मुताबिक खेलते हैं।'
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