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रिजर्व बैंक: भारत का विदेशी कर्ज जून तिमाही में 778.2 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई ने जारी किए आंकड़े

Wed, 30 Sep 2026 07:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई

सार

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तिमाही में भारत का विदेशी कर्ज 15.4 अरब डॉलर बढ़कर 778.2 अरब डॉलर हो गया है। जीडीपी अनुपात में मामूली कमी आई। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तिमाही के अंत में भारत का विदेशी कर्ज 15.4 अरब डॉलर बढ़ गया। यह बढ़कर कुल 778.2 अरब डॉलर हो गया है। यह वृद्धि पिछली मार्च तिमाही की तुलना में दर्ज की गई है।

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हालांकि, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले विदेशी कर्ज का अनुपात मार्च 2026 के 20.9 फीसदी से घटकर जून 2026 में 20.8 फीसदी हो गया। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से येन और यूरो जैसी प्रमुख मुद्राओं की तुलना में 0.9 अरब डॉलर का मूल्यांकन लाभ हुआ। आरबीआई ने बताया कि मूल्यांकन प्रभाव को हटा दें तो विदेशी कर्ज में 16.4 अरब डॉलर की वृद्धि होती। 

जून तिमाही में एक साल से अधिक की मूल परिपक्वता वाला दीर्घकालिक कर्ज 624.7 अरब डॉलर रहा। इसमें मार्च 2026 से 11.2 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। कुल विदेशी कर्ज में एक साल तक की मूल परिपक्वता वाले अल्पकालिक कर्ज की हिस्सेदारी बढ़कर 19.7 फीसदी हो गई। यह पिछली तिमाही में 19.6 फीसदी थी। अल्पकालिक कर्ज का विदेशी मुद्रा भंडार से अनुपात भी बढ़कर जून 2026 में 23 फीसदी हो गया। मार्च 2026 में यह अनुपात 21.6 फीसदी था। सरकार और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों का बकाया कर्ज जून 2026 के अंत में बढ़ा है।

विदेशी कर्ज में डॉलर की हिस्सेदारी कितनी है?

आरबीआई के अनुसार, भारत के विदेशी कर्ज में अमेरिकी डॉलर-मूल्यवर्गित कर्ज सबसे बड़ा घटक बना हुआ है। जून 2026 के अंत में इसकी हिस्सेदारी 54.8 फीसदी थी। इसके बाद भारतीय रुपये में मूल्यवर्गित कर्ज (29.8 फीसदी) का स्थान है। येन (6.9 फीसदी), एसडीआर2 (4.1 फीसदी) और यूरो (3.5 फीसदी) अन्य प्रमुख मुद्राएं हैं।

कर्ज के मुख्य घटक क्या हैं?

कर्ज के घटकों में ऋण सबसे बड़ा हिस्सा है, जिसकी हिस्सेदारी 34.3 फीसदी है। इसके बाद मुद्रा और जमा (22.2 फीसदी) का स्थान आता है। व्यापार ऋण और अग्रिम (19.1 फीसदी) तथा ऋण प्रतिभूतियां (16.5 फीसदी) भी महत्वपूर्ण घटक हैं। कर्ज सेवा या मूलधन चुकौती और ब्याज भुगतान जून 2026 के अंत में मौजूदा प्राप्तियों का 5.6 फीसदी रहा, जो मार्च 2026 के समान था।

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