केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों और देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। इसके साथ ही, तीन बड़ी योजनाओं के लिए कुल 2,79,157 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कृषि लागत व मूल्य आयोग (सीएसीपी) द्वारा छह प्रमुख रबी फसलों के लिए एमएसपी की अनुशंसा की गई है।
सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है। गेहूं का एमएसपी अब 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। यह वृद्धि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगी। इससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है। रबी फसलों की मूल्य नीति के लिए 90,962 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट ने पीएम धारा योजना के लिए 1,86,405 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की है। यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच को सुसंगत और त्वरित करने पर केंद्रित है। कैबिनेट ने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ इंटर स्टेट ट्रांसमिशन प्रणाली के विकास के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III योजना को मंजूरी दी है। यह योजना 2035 तक 900 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता स्थापित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी।
दिल्ली के लिए आईटीएमएस को भी मंजूरी मिली है। इस सिस्टम के लिए 1,790 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह दिल्ली में यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।केंद्रीय कैबिनेट ने इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के कार्यान्वयन को भी मंजूरी दीहै यह परियोजना 42 चिन्हित यातायात गलियारों को कवर करेगी और इसे 24 महीनों में तीन चरणों में कार्यान्वित किया जाएगा। इसके बाद बाद पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव किया जाएगा।